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Showing posts from April, 2017

होश भी आने की इजाज़त मांगे | in-shayari

Chhupa Lun Tujhko Apni Bahon Mein Is Tarah, Ki Hawa Bhi Gujarne Kii Izazat Mange. Madhosh Ho Jaun Tere Pyar mein Is Tarah, Ki Hosh Bhi Aane Kii Izazat Mange. छुपा लूं तुझको अपनी बाँहों में इस तरह, कि हवा भी गुजरने की इजाज़त मांगे। मदहोश हो जाऊं तेरे प्यार में इस तरह, कि होश भी आने की इजाज़त मांगे।

क्या हुआ जो उसने रचा ली मेहँदी | in-shayari

क्या हुआ जो उसने रचा ली मेहँदी, हम भी अब सेहरा सजायेंगे। तो क्या हुआ अगर वो हमारे नसीब में नहीं, अब हम उसकी छोटी बहन पटायेंगे। Kya Hua Jo Usne Racha Li Mehendi, Hum Bhi Ab Sehra Sajayenge. Toh Kya Hua Agar Wo Humare Naseeb Mein Nahin, Ab Hum Uski Chhoti Behan Patayenge.

तेरी यादों का बाजार | in-shayari

खुल जाता है तेरी यादों का बाजार सरेआम,  फिर मेरी रात इसी रौनक में गुजर जाती है।

भूले से कहीं याद तुम्हें हम आ जायेंगे | in-shayari

बहारों के फूल एक दिन मुरझा जायेंगे,  भूले से कहीं याद तुम्हें हम आ जायेंगे,  अहसास होगा तुमको हमारी मोहब्बत का,  जब कहीं हम तुमसे बहुत दूर चले जायेंगे।

तुम्हें रातें रुलायेंगी | in-shayari | Hindi | Sad

मेरी यादें, मेरा चेहरा, मेरी बातें रुलायेंगी,  हिज़्र के दौर में, गुज़री मुलाकातें रुलायेंगी,  दिन तो चलो तुम काट भी लोगे फसानों में,  जहाँ तन्हा रहोगे तुम, तुम्हें रातें रुलायेंगी।